HSN / SAC कोड के GST में उपयोग के नियम
जी.एस.टी. की उद्घोषणा के बाद कई व्यापारियों का सोचना था कि आखिर इसका एच.एस.एन और एस.ऐ.सी कोडस पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? हमारे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के दौरान कई सारे उत्पादों का लेन-देन होता है, कई सारी सेवाएँ हम अपने नज़दीकी राज्यों को प्रस्तावित करते हैं, परन्तु व्यापार के लिए यह ज़रूरी है कि सभी उत्पादों और सेवाओं के बारे में हम समान रूप से समझें और सार्वजनिक नाम से जाने, फिर भले ही हम किसी भी देश या राज्य से क्यों न हों. इस तरह कि व्यापारिक समानता लाने के लिए एच.एस.एन और एस.ऐ.सी कोडस को बनाया गया. एच.एस.एन से अभिप्राय है, हॉर्मोनीज़ेड सिस्टम ऑफ़ नोमेनक्लेचर, इसे वर्ल्ड कस्टम्स आर्गेनाइजेशन ने इस दृष्टिकोण से बनाया कि इस प्रणाली के अनुसार हम सभी उत्पादों को व्यवस्थित और तार्किक रूप से वर्गीकृत कर सकें. भारत में हम एच.एस.एन प्रणाली का उपयोग १९८६ से कर रहे हैं और ये वर्गीकरण उत्पादकों के लिए काफी कारगार रहा है. इसके अनुसार २०० देशों के ९८% उत्पादों का कोड तय किया गया है, जिसके अनुरुप ५००० से अधिक उत्पादों का एच.एस.एन कोड निर्धारित किया गया है, जो कि दुनिया भर में स्व...